अंगना मा शिक्षा प्रशिक्षण सह मेला कार्यक्रम विकासखण्ड-खरसिया में सम्पन्न

 अंगना मा शिक्षा प्रशिक्षण सह मेला कार्यक्रम विकासखण्ड-खरसिया में सम्पन्न



वैश्विक महामारी के संक्रमण काल में बच्चों की शिक्षा में हुई सीखने की क्षति को कम करने तथा शिक्षा की निरंतरता को बनाए रखने के प्रयास की कड़ी में प्रदेश की कुछ महिला शिक्षिकाओं द्वारा स्व स्फूर्त होकर एक अनूठी पहल कर गत शिक्षा सत्र में अंगना मा शिक्षा कार्यक्रम  की अभिनव शुरुआत की गयी ।  विकास खण्ड खरसिया से भी  महिला शिक्षिकाओं  ने संभाग स्तर से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी अपनी शाला में आंगनबाड़ी तथा समुदाय की माताओं को जोड़कर कार्यक्रम का संचालन किया। 

इस कार्यक्रम की सफलता तथा परिणाम को पूरे विद्यालय तक पहुचाने तथा सभी 5 से 7 आयु वर्ग के बच्चों को घर पर शिक्षा सुलभ कराने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम को विस्तारित किया गया । जिसमें सभी प्राथमिक विद्यालयों में इस कार्यक्रम अंतर्गत माताओं का उन्मुखीकरण कर इनके माध्यम से छोटे छोटे बच्चों में विभिन्न कौशलों के विकास के प्रयास किए गए । प्रथम भाग के इस कार्यक्रम में भाग लेकर अधिकांश माताओं में आत्म विश्वास की वृद्धि हुई । परिणाम स्वरूप इन्होंने अपने घर पर खेल खेल के माध्यम से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर अपने छोटे बच्चों को सिखाने का अच्छा प्रयास किया गया । इस कार्यक्रम के प्रभाव को बनाए रखने तथा गति देने के उद्देश्य से  कार्यक्रम के भाग - 2 संस्करण के रूप में पूरे प्रदेश के सभी विद्यालयों के लिए "अंगना मा शिक्षा" कार्यक्रम भाग - 2 की समय सारिणी एवं रूप रेखा तैयार कर समग्र शिक्षा राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा जारी की गयी । इसके अंतर्गत प्रत्येक विकास खण्ड से दो दो महिला शिक्षिकाओं द्वारा संभाग स्तर पर आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण सह मेला में सहभागिता दी गयी । जिसमें विकास खण्ड खरसिया से  सुभदा रानी सिंह राठौर एवं अनुसुईया तम्बोली ने भाग लिया ।  अगले क्रम में  24 से 25  मार्च को विकास खण्ड स्तरीय प्रशिक्षण सह मेला का विकास खण्ड की  शिक्षिकाओं तथा कक्षा 1 व 2 के बच्चों व माताओं तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं , इनके बच्चों व माताओं की सहभागिता से विकास खण्ड स्त्रोत केंद्र(बी.आर.सी.भवन) में आयोजन कर  विकास खण्ड में आगाज़ किया गया ।  

विभिन्न संकुलों से आये शिक्षिकाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं ,माताएं एवं बच्चों की उपस्थिति में कार्यक्रम का शुभारंभ मा शारदे की छायाचित्र पर अगरबत्ती प्रज्वलित कर सरस्वती वंदना से किया गया । राज्य गीत अरपा पैरी के धार के सामूहिक गायन तथा स्वागत गीत के बाद उपस्थित विकास खण्ड स्त्रोत समन्वयक ने अपने अपने उद्बोधन में कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए सफलता की शुभकामना दी । शिक्षा विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वित प्रयास से कार्यक्रम को सफल बनाने की बात कही गयी । इसी बीच क्यू आर कोड के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराकर कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए मास्टर ट्रेनर्स द्वारा इसकी आवश्यकता , उद्देश्य, व कार्ययोजना को बताया गया कि किस प्रकार हमें अपने शालाओं में मेला का आयोजन/माता उन्मुखीकरण  करना है । इसके लिए नौ काउंटर बनाये गए। प्रत्येक काउंटर में गतिविधि के अनुसार आसानी से उपलब्ध होने वाली साथ ही आंगनबाड़ी से उपलब्ध सामग्री को रखा गया।प्रत्येक काउंटर में एक-एक शिक्षिका को बैठाया गया व उनके कार्यों को बताया गया।तत्पश्चात बच्चों को माताओं के साथ प्रत्येक काउंटर में जाकर गतिविधि कराया गया व उनके द्वारा की जाने वाली गतिविधि को सपोर्ट कार्ड में एंट्री किया गया।साथ ही संकलन प्रपत्र भी भरकर बताया गया।इस प्रकार शिक्षिकाओं को उनके सामने इन सारी गतिविधियों को करके प्रशिक्षण दिया गया ताकि वे संकुलों साथ ही अपने शालाओं में जाकर अच्छे ढंग से मेला का आयोजन कर सके। तत्पश्चात जी पी एप्प डाउनलोड करने व उसका उपयोग किस प्रकार से करना है ,इसकी पूरी जानकारी बताई गई।अंत में विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी एवं विकास खण्ड स्त्रोत समन्वयक के द्वारा कार्यक्रम को क्षेत्र तक ले जाकर सफल बनाने हेतु शुभकामनाये देते हुए  कार्यक्रम का समापन किया गया। मेला में शिक्षिकाओं , कार्यकर्ताओं , माताओं तथा  बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया । कार्यक्रम का सफल संचालन मास्टर ट्रेनर्स द्वय द्वारा किया गया ।

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